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आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभ बन रहा है खादी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हमेशा खादी के महत्व और क्षमता को पहचाना है और भारतीयों को भी इससे अवगत कराया है। वर्तमान सरकार भी खादी को आत्मनिर्भर भारत के उद्योग क्षेत्र में नई उम्मीद के तौर पर देख रही है। खादी के प्रोत्साहन के लिए सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय कई प्रयास कर रहा है। इसी श्रृंखला में केवीआईसी ने खादी कॉटन बेबीवियर तथा हैंडमेड पेपर स्लिपर की बिक्री शुरू कर दी है। एमएसएमई मंत्री नारायण राणे ने 15 जुलाई को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित खादी इंडिया के प्रमुख शोरूम में खादी के दो नए विशिष्ट उत्पाद रेंज लांच किए। इस अवसर पर एमएसएमई राज्य मंत्री, भानुप्रताप सिंह वर्मा तथा केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने खादी के उत्पाद रेंज की सराहना की।

छोटे बच्चों के लिए खादी की अब तक की पहली कॉटन क्लोदिंग
नए उत्पादों में छोटे बच्चों के लिए खादी की अब तक की पहली कॉटन क्लोदिंग शामिल है। केवीआईसी ने नवजात शिशुओं तथा दो वर्ष तक के बच्चों के लिए ब्लूमर, नैपी के साथ-साथ स्लीवलेस वस्त्र (झाब्ला) और फ्रॉक भी लांच किया है। केवीआईसी ने जानकारी दी कि इसमें शत प्रतिशत हाथ से बुने हुए तथा हाथ से गुंथे हुए कॉटन फैब्रिक का उपयोग किया है, जो बच्चों के कोमल तथा संवेदनशील त्वचा के लिए सुरक्षित है और उन्हें किसी भी प्रकार के रैश या त्वचा की जलन से बचाता है।

हैंडमेड पेपर ‘यूज एंड थ्रो’ स्लिपर रहा आकर्षण का केंद्र 
सभी उत्पादों में खादी का हैंडमेड पेपर ‘यूज एंड थ्रो’ स्लिपर आकर्षण का केंद्र रहा, जो भारत में बनाया गया पहला हैंडमेड पेपर स्लिपर है। यह स्लिपर शतप्रतिशत पर्यावरण अनुकूल तथा किफायती है। इन स्लिपरों को बनाने में प्रयुक्त हैंडमेड पेपर पूरी तरह लकड़ी-मुक्त होता है और इसे कॉटन, सिल्क एवं कृषि अपशिष्टों से बनाया जाता है। ये स्लिपर हल्के होते हैं और यात्रा, घर, होटल रूम, अस्पतालों, पूजा स्थलों, प्रयोगशालाओं आदि के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होते हैं। यह स्वच्छता की दृष्टि से भी बहुत प्रभावी होता है।

केवल 50 रुपए है इन पेपर स्लीपरों की प्रति जोड़ी की कीमत
इन हैंडमेड पेपर स्लीपरों की कीमत प्रति जोड़ी केवल 50 रुपए है। लोग इन दोनों को कनॉट प्लेस के खादी शोरूम तथा केवीआईसी के ऑनलाइन पोर्टल (www.khadiindia.gov.in) से खरीद सकते हैं। नए खादी उत्पादों को लॉन्च करने के दौरान केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने पर्यावरण अनुकूल तथा टिकाऊ उत्पादों के व्यापक मार्केटिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ा बाजार हिस्सा हासिल कर, केवीआईसी अधिक रोजगार अवसरों का सृजन कर सकता है और व्यापक रूप से अपना उपभोक्ता आधार बढ़ा सकता है।

अप्रैल 1957 में हुई थी केवीआईसी की स्थापना
खादी और ग्रामोद्याग आयोग संसद के कुछ अधिनियमों (1956 के 31 वें तथा 1989 के अधिनियम 12वें एवं 2006 के अधिनियम 10) के तहत बनाया गया संगठन हैं। इसकी स्थापना अप्रैल 1957 में हुई थी। इसने पहले से स्थापित अखिल भारत खादी और ग्रामोद्योग मंडल का कार्यभार संभाला। यह संगठन सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम मंत्रालय भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है। इसका उद्देश्य लोगों को रोजगार प्रदान करना, बिक्री योग्य वस्तुओं का उत्पादन करना और जनता में आत्मनिर्भरता एवं सुदृढ़ ग्राम स्वराज की भावना पैदा करना है। इसके कार्यो के अंतर्गत खादी और ग्रामोद्योग में लगे कारीगरों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन तथा उनमें सहयोगात्मक प्रयास की भावना उत्पन्न करना भी शामिल है।

इस वर्ष केवीआईसी के कारोबार में हुई रिकॉर्ड वृद्धि
17 जून को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 महामारी से पूरी तरह से प्रभावित साल 2020-21 में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने अपना अब तक का सबसे अधिक कारोबार दर्ज किया है। वर्ष 2020-21 में आयोग ने 95,741.74 करोड़ रुपये का सकल वार्षिक कारोबार दर्ज किया। पिछले वर्ष यानि 2019-20 में हुए 88,887 करोड़ रुपए के कारोबार में इस साल करीब 7.71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। खादी ई-पोर्टल, खादी मास्क, खादी फुटवियर, खादी प्राकृतिक पेंट और खादी हैंड सैनिटाइजर आदि का शुभारंभ, नई प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) इकाइयों की स्थापना, नए स्फूर्ति क्लस्टर, ‘स्वदेशी’ उत्पादन के लिए सरकार की पहल और खादी आयोग का अर्धसैनिक बलों के सामाग्री की आपूर्ति करने के ऐतिहासिक समझौते से महामारी के इस दौर के दौरान भी केवीआईसी के कारोबार में वृद्धि हुई।

कारीगरों और युवाओं के लिए उपलब्ध कराता है रोजगार
केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा था कि महामारी के दौरान लोगों ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को पूरे जोश से पूरा किया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान केवीआईसी का खास ध्यान कारीगरों और बेरोजगार युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजित करना था। उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान कहा कि हैंडमेड पेपर ‘यूज एंड थ्रो’ स्लिपर केवीआईसी द्वारा हैंडमेड पेपर इंडस्ट्री की सहायता करने तथा कारीगरों के लिए टिकाऊ रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि केवीआईसी ने बेबीवियर के उत्पादन के क्षेत्र में प्रवेश किया है।

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