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आकाश में रोचक खगोलीय घटना, शुक्र दिख रहा चंद्रमा के नीचे लट्टू जैसा

आज देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम है औऱ आज ही आकाश में रोचक खगोलीय घटना भी देखने को मिलेगी, जोकि देखने में बहुत ही अद्भुत नजर आएगी। गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा और शुक्र ग्रह की युति होने जा रही है। इसमें ये दोनों ग्रह शुक्रवार दिन से ही एक-दूसरे के सबसे नजदीक हैं, लेकिन सूर्य के तेज प्रकाश के कारण दोनों ग्रहों की यह नजदीकी दिन में दिखाई नहीं दे रही है, पर जैसे ही रात होगी, सभी इस युति को खुली आंखों से देख पाएंगे।

चंद्रमा के नीचे शुक्र दिखेगा लट्टू जैसा

दरअसल, आकाश में घटने वाली घटनाओं का अपना विशेष महत्व होता है। उज्जैन वेधशाला प्रभारी राजेन्द्र पी गुप्त ने बताया कि खगोलीय गणना के अनुसार दोनों ग्रह एक-दूसरे से चार डिग्री (अंश) 44 मिनट (कला) कोण पर विराजमान हैं। यानि ये आपस में सबसे कम डिग्री का कोण बना रहे हैं। सौरमंडल में शुक्र चंद्रमा के नीचे लट्टू जैसा दिखाई देगा। माह में एक बार ऐसा होता है, किंतु यह संयोग से आज गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर हुआ है।

खुली आंखों से देख सकते हैं

उन्होंने कहा कि सूर्य एवं चंद्रमा के बाद सबसे चमकीला ग्रह शुक्र है, इसलिए यह खगोलीय घटना आसानी से देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इसके आंतरिक भाग को देखना है, तभी टेलिस्कोप से इसे देखने की जरूरत है, अन्यथा सौन्दर्य बोध एवं इस खगोलीय घटना का आनन्द लेने के लिए इसे खुली आंखों से ही देखना बेहतर रहेगा।

चंद्रमा नवग्रहों में सबसे तेज चलने वाला ग्रह

आचार्य कुमार सुचित्र रघुनन्दन डॉ. राजेश ने बताया कि चंद्रमा नवग्रहों में सबसे तेजी से चलने वाला सौरमंडल का ग्रह है। अपने समय काल में चंद्रमा ही ऐसा एक मात्र ग्रह है, जो कि सिर्फ ढाई दिन के अंतराल में अपनी राशि बदलने में सफल रहता है। इसलिए हर ग्रह के साथ चंद्रमा की युति ढाई दिन की होती है। उन्होंने बताया कि आज से शुरू हुई इस घटना के साथ भी ऐसा ही है। शुक्रवार से शुरू होकर रविवार तक के दिन कला, संस्कृति, सौन्दर्य के क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिए विशेष है। उनमें यह नजदीकियां लेकर आएगा। प्रेम का प्रसार करेगा और आनंद की वर्षा करेगा।

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