Editor's Picks

Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image

BREAKING NEWS

दिल्ली : JDU उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने की कांग्रेस की तारीफ, भडक़ी BJP, की ऐसे आलोचना || MATHURA : ठा. प्रियाकांत जू मंदिर पर मनाया गया पूर्णिमा महोत्सव || मथुरा : कॉफी विद हेमा : ज्वेलरी पार्क का सपना साकार हो सकता है || मथुरा : किसानों को किया संबोधित : गिरिराज सिंह

UP डीजीपी ने की केन्द्र सरकार से PFI को प्रतिबंध लगाने की सिफारिश, यूपी हिंसा में इस संगठन का हाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। क्योंकि CAA मामले पर यूपी हिंसा की जांच में इस संस्था का हाथ सामने आया था।

मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाने के लिए केन्द्र सरकार को सिफारिश कर दी है। नागरिकता संशोधन कानून पर प्रदेश भर में हिंसा में शामिल होने के सबूतों के बाद डीजीपी मुख्यालय ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश गृह विभाग को भेज दिया है।

गृह विभाग अब इस सिफारिश को आगे केंद्र के पास भेजेगा। डीजीपी मुख्यालय ने अपनी सिफारिश में पीएफआई के बारे में लिखा है कि इसमें इस्लामिक स्टूडेंट मूवमेंट ऑफ इंडिया यानि सिमी के ज्यादातर सदस्य इस संगठन में जुडे हुए हैं। इन संगठनों के लोगों के पास से पूरे राज्य में आपत्तिजनक साहित्य और सामग्री बरामद की गई है।

यूपी की हिंसा में पकड़े गए कई लोगों के संबंध पीएफआई से निकले हैं जबकि पीएफआई के कई सदस्य पकड़े गए जिन पर हिंसा फैलाने का आरोप है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर पूरे प्रदेश के कई जिलों में हुए तमाम हिंसक प्रदर्शनों के खिलाफ योगी सरकार सख्ती से काम लेने की खबर आई थी।

सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश गृह विभाग पीएफआई को प्रतिबंधित करने की तैयारियों में जुट गया है। लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा मामले में पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार लोगों की पहचान पीएफआई अध्यक्ष वसीम अहमद, कोषाध्यक्ष नदीम, मंडल अध्यक्ष अशफाक के रूप में हुई। लखनऊ में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गुरुवार (19 दिसंबर) को हिंसा का मास्टरमाइंड यही संगठन को बताया जा रहा है।
पीएफआई के कार्यकर्ता कई राज्यों में सक्रिय हैं। दिल्ली, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, केरल, झारंखड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में सक्रिय है।


 साभार-khaskhabar.com


संपादकीय

विशाल अग्रवाल ने बताया कि चालान सिर्फ ट्रफिक पुलिस काटे सभी पुलिस कर्मियों को इसकी जिम्मेदारी न दी जाये तो 50 प्रतिशत तक सही तरीके से काम हो पायेगा। जबकि आकाशवाणी के पूर्व उद्घोषक श्रीकृष्ण शरद, राकेश रावत एडवोकेट, पी0 के0 वार्ष्णेय, अरविन्द चौधरी, जगन्नाथ पौद्दार, पवन शर्मा, महेन्द्र राजपूत, जितेन्द्र गर्ग, सपन साहा, प्रताप विश्वास इन सभी ने माना कि इसमें पुलिस का फायदा अधिक होगा।  

Read More

तीसरी आंख

जयपुर। स्टेट क्राइम ब्रांच ने मंगलवार शाम को शहर के जवाहर नगर स्थित आवासन मंडल के एक रिहायशी मकान में नकली दवाआें की एक फैक्ट्री पर दबिश देकर आयुर्वेदिक दवाओं की आड़ में नकली एलोपैथिक दवाईयां बनाने का पर्दाफाश किया है। अतिरिक्त महानिदेषक पुलिस, अपराध, राजस्थान बी.एल. सोनी ने बताया कि पुणे स्थित फार्मा कंपनी आर्चीज लाइफ साइंस के प्रोपराइटर जयवीर यादव ने स्पेशल टीम प्रभारी पुलिस निरीक्षक जितेन्द्र गंगवानी को सूचना दी थी कि उनकी फार्मा कंपनी के नाम व लोगो से जवाहर नगर सेक्टर तीन में हाउसिंग बोर्ड के मकान में एस.राॅबर्ट फार्मा के आॅफिस में महिलाओं के मासिक धर्म तथा लीवर टाॅनिक के नकली सिरप निर्मित कर आमजन के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड. किया जा रहा है। इस पर स्पेशल टीम को आवश्यक निर्देश दिये जाकर रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि जवाहर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाकर स्पेशल टीम स्थानीय पुलिस के साथ आरोपी नरेन्द्र सुखानी को लेकर म.नं. 3 ढ 7 पर गयी तो मकान में आयुर्वेदिक दवाईयां बनाने की आड़ में विभिन्न तरह की मशीनों से अवैध रुप से एलोपैथिक दवाईयां बनाना पता चला। रिकाॅर्ड देखने पर आरोपी द्वारा महिलाओं के मासिक धर्म से जुडी एवं लीवर टाॅनिक के करीब दो हजार सिरप आर्चीज लाइफ साइंस के नाम व लोगो से बनाकर आगरा स्थित एक फर्म को बेचना पाया गया। मौके से बिल बुक एवं स्टाॅक रजिस्टर जब्त कर पुलिस आरोपी सेक्टर चार जवाहर नगर जयपुर निवासी नरेन्द्र कुमार सुखानी (65) तथा इसके पार्टनर आगरा निवासी रविन्द्र प्रताप सिंह से पूछताछ कर रही है। मामले में पुलिस ने ड्रग एवं काॅस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 33 ई(सी) तथा आईपीसी की धारा 419,420,464,468,120बी में प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान शुरु कर दिया है। एडीजी क्राइम बी.एल. सोनी ने बताया कि बुधवार को जवाहर नगर पुलिस ने रविन्द्र प्रताप सिंह की सूचना पर आगरा में ग्रेस हाॅस्पिटल स्थित साक्षी मेडीकल स्टोर से 16 पैक तथा 3 खुले कार्टून आर्चीज लाइफ साइंस के नाम से निर्मित नकली दवाईयां जब्त कर नामजद आरोपी आगरा निवासी अरविन्द शर्मा को भी डिटेन कर लिया है। साभार-khaskhabar.com  

Read More

Bollywood

दर्शन