Editor's Picks

Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image

BREAKING NEWS

MATHURA : किसानों के बीच पैठ मजबूत करने में जुटी कांग्रेस || MATHURA : गंदगी से परेशान हैं वार्ड 43 के निवासी || MATHURA : बरसाना में शुरू हुआ 12 दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर || मथुरा : आहट से कर्मचारियों में बढ़ी बेचैनी

SC ने यूनिटेक के फ्लैट खरीदारों को दी राहत, कंपनी को टेकओवर करने के केंद्र के प्रस्ताव को मंजूरी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूनिटेक रियल एस्टेट मामले में यूनियन ऑफ इंडिया द्वारा मैनेजमेंट टेकओवर को मंजूरी दे दी। इसके अलावा पूर्व आईएएस अधिकारी युद्धवीर सिंह मलिक को कंपनी का सीएमडी नियुक्त करने का आदेश दिया। कोर्ट ने यूनिटेक के लिए 7 सदस्यों का नया बोर्ड बनाया है। कोर्ट अब यूनिटेक बायर्स मामले में दो माह तक सुनवाई नहीं करेगा। कोर्ट ने कहा है कि नया बोर्ड मौजूदा प्रोजेक्ट्स को नहीं रोक सकता है।

हालांकि वह पुराने प्रोजेक्ट्स की जांच कर सकता है। फिलहाल किसी पुराने प्रमोटर को नॉमिनी डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। नई व्यवस्था प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए रफ्तार बढ़ाने की मंशा से की गई है, लेकिन यूनिटेक के खिलाफ चल रही जांच बंद नहीं होगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 18 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या वह वर्ष 2017 के अपने प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है। कोर्ट बोला कि भारी कर्ज में डूबी यूनिटेक लिमिटेड के प्रोजेक्ट्स को किसी विशिष्ट एजेंसी द्वारा हाथ में लेने की तत्काल जरूरत है। ऐसा करने से घर खरीदारों के हित में अटके प्रोजेक्ट्स को तय समय के अंदर पूरा किया जा सकेगा। आपको बता दें कि वर्ष 2007 से 2010 के दौरान कंपनी द्वारा टैक्स चोरी के लिहाज से पनाहगाह माने जाने वाले देशों में बड़े निवेश के बारे में भी पता चला था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक लिमिटेड के प्रमोटर्स के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया था।

यूनिटेक के प्रमोटर संजय चंद्रा और उनके भाई अजय चंद्रा घर खरीदारों से प्राप्त धन की हेराफेरी के आरोप में फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। यह दूसरी बार है जब केंद्र ने इस तरह किसी कंपनी का टेकओवर किया हो। इससे पहले 2009 में सत्यम का सरकार ने टेक ओवर किया था, बाद में महिंद्रा आईटी ने कंपनी को टेक ओवर किया था।

 


 साभार-khaskhabar.com

 


संपादकीय

विशाल अग्रवाल ने बताया कि चालान सिर्फ ट्रफिक पुलिस काटे सभी पुलिस कर्मियों को इसकी जिम्मेदारी न दी जाये तो 50 प्रतिशत तक सही तरीके से काम हो पायेगा। जबकि आकाशवाणी के पूर्व उद्घोषक श्रीकृष्ण शरद, राकेश रावत एडवोकेट, पी0 के0 वार्ष्णेय, अरविन्द चौधरी, जगन्नाथ पौद्दार, पवन शर्मा, महेन्द्र राजपूत, जितेन्द्र गर्ग, सपन साहा, प्रताप विश्वास इन सभी ने माना कि इसमें पुलिस का फायदा अधिक होगा।  

Read More

तीसरी आंख

पुलिस लाइन के सामने क्या करने आया था लूट हत्या मुठभेड में वांछित 25 हजार का इनमी?

Read More

Bollywood

दर्शन