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MATHURA : दुकानदारों से कहा सोशल डिस्टेंसिंग बनाएं || MATHURA : तीन माह के बिजली बिल, फीस माफी को चलाया हस्ताक्षर अभियान || MATHURA : धार्मिक संगठन और संस्थाएं लगातार कर रहीं सरकार से मदद की अपील || MATHURA : सीडीओ ने मांट में विकास कार्यों का जायजा लिया || कोरोना संकट : परिवारों को पहुंचाये राशन बैग

MATHURA : तीन माह की फीस माफी के लिए लामबंदी, मथुरा अभिभावक संघ का गठन

मथुरा। स्कूल संचालक अभिभावकों से उन महीनों की फीस मांग रहे हैं जिस दौरान कोरोना और लाॅकडउन के चलते स्कूल खुले नहीं। विद्यालय अभी भी बंद हैं लेकिन विद्यालय संचालकों ने फीस जमा करने के लिए विंडो खोल दी हैं। यहां से फीस लेने के साथ बच्चों को पुस्तकें भी दी जा रही हैं, अधिकांश विद्यालयों ने आन लाइन पढाई भी शुरू की है। दूसरी ओर अभिभावकों के अपने तर्क हैं और वह चाहते हैं कि कम से कम तीन महीने की फीस मांपफ की जाये। यह मांग अब जोर पकडने लगी है। लगभग 90 विद्यालयों के अभिभावकों से विचार-विमर्श के बाद मथुरा अभिभावक संघ का गठन किया है। जिससे शिक्षण संस्थाओं की ओर से बनाये जाने वाले बेजां दबाव का सामना किया जा सके।
समिति के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल का कहना है कि लाकडाउन के कारण अभिभावकों की आमदनी का जरिया बंद होने के कारण अभिभावक सभी प्राइवेट स्कूलों से अप्रैल, मई और जून माह की फीस माफी चाहते हैं। इसी को लेकर अभिभावक संघ की कार्य समिति का गठन किया गया। जिसके बाद कार्यसमिति के पदाधिकारियों की मीटिंग ऑनलाइन हुई। जिसमें उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी वर्मा एडवोकेट ने कहा कि स्कूल प्रबन्धकों का कहना है कि हम स्टाफ का वेतन कहां से देंगे। तब महामंत्री पुनीत शास्त्री एड. ने कहाकि सभी स्कूलों के पास बड़ा फंड होता है उसका इस्तेमाल आपदा राहत में किया जाए और उससे शिक्षक और स्टाफ का वेतन दिया जाए। इस आपदा में भी स्कूल और कॉलेज अपने जमा कोष का प्रयोग नहीं करना चाहते तो कब करेंगे।
अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने कहा कि दो माह से सभी लोग अपनी जमा पूंजी ही खा रहे है और स्कूल वाले फीस के मैसेज और फोन कर करके अभिभावकों पर अप्रैल, मई और जून की फीस देने का दबाव डाल रहे है जो कि सरासर गलत है। मथुरा प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। मजबूर होकर अभिभावक संघ को आगे आना पड़ा है और सभी स्कूलों से मांग की जाती है कि वह  तीन माह की फीस मांफी की घोषणा शीघ्र करें। जिससे अभिभावक राहत की सांस ले सकें।
मंत्री अभिनव खंडेलवाल ने कहा कि नोयडा के जिलाधिकारी ने जिले के सभी स्कूलों को अप्रैल मई जून की फीस माफी के आदेश दिए है। कुछ जिलों के स्कूलों ने अभिभावकों की परेशानी देखकर खुद ही फीस माफी की घोषणा कर दी है।
मीटिंग में उपाध्यक्ष मृदुल अग्रवाल प्रेस वालों ने कहाकि अभिभावकों की वर्तमान परिस्थिति को शासन प्रशासन को भी समझना होगा तथा प्रशासन स्कूलों को तीन माह की फीस माफी का निर्देश दे।
मंत्री गिर्राज ठाकुर और प्रचार प्रमुख बंटी सैनी ने कहाकि स्कूलों को अपनी हठधर्मिता को छोड़कर बच्चांे के हित में कार्य करते हुए तीन माह की फीस माफ करनी चाहिए साथ ही महामारी के इस दौर में लाभ की आशा छोड़ देनी चाहिए। जिस मूल्य पर सरकारी किताबें मिल रहे है उसी प्रकार अन्य प्राइवेट प्रकाशकों की किताबांे का मूल्य होना चाहिए। अभिभावक हमेशा स्कूलों के अनुसार फीस देते आये हैं परंतु जब आपदा का दौर है तो स्कूल जमा फण्ड का प्रयोग करें जिससे शिक्षक और कर्मचारियों को वेतन मिल सके।

मथुरा महानगर विकास समिति भी कर रही है विरोध
मथुरा महानगर विकास समिति के पदाधिकारियों ने हाथों पर काली पट्टी बांध कर और हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार जिला प्रशासन से तीन माह की फीस व तीन माह के बिजली के बिल जल्द मांफ किये जाने की मांग की। समिति की ओर से जनपद में नो स्कुल नो फीस का अभियान चलाया जा रहा है।