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मथुरा(सतपाल सिंह) : सीएम योगी के आदेश के बाद भी नाकाफी हैं व्यवस्थाएं. NH2 पर हजारों की संख्या में बीवी-बच्चों सहित भूखे-प्यासे, मीलों पैदल चलने को मजबूर हैं दिल्ली, NCR से आने वाले कामगार। पैदल चल रहे मजदूरों को नहीं मिल रहा है कोई सहारा। मथुरा प्रशासन कर रहा है बसों की व्यवस्था करने का दावा

MATHURA : ब्रज में यमुना के बाद गाय की दुर्दशा का सबसे ज्यादा दोहर

मथुरा। आज पूरा ब्रज भगवान श्रीकृष्ण की गौचारण लीला का साक्षी बनेगा। गायों को गौशालाओं में सचाया संवारा जाएगा। श्रंगार किया जाएगा। पूजन किया जएगा। भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप गौचारण करेंगे। गाय के प्रति ऐसी श्रद्धा हर ओर दिखेगी कि देखने वाले मंत्र मुग्ध हो जाएंगे। यह सब वह उपक्रम हैं जिनके दम पर और गायों के नाम पर करोडों रूपये यहां की गौशालाओं और संस्थाओं को देश विदेश से मिलते हैं। जनपद में कुल 39 पंजीकृत गोशालाएं हैं। इनमें से 10 को सरकारी मदद मिलती है। सरकारी मदद गोषाला में छोटे बडे गोवंष के 70 प्रतिषत के हिसाब से 30 रूपये प्रति गोवंष मिलती है। इसके अलावा करोडों रूपये गाय के नाम पर दान आता है। अगर यमुना की दुर्दषा के बाद किसी का सबसे ज्यादा दोहर हो रहा है तो वह गाय की दुर्दषा है। ब्रज में गाय के नाम पर दान मागने की परंपरा रही है। इसे गौसेवा कहते हैं। ब्रज में आने वाले अधिकांष श्रद्धालु गौसेवा के नाम पर कुछ न कुछ देकर जाते हैं। इसके बाद भी ब्रज में गाय भूख प्यास से तडपतडप कर मर रही है। प्रमुख मंदिरों में रिसीवर तैनात कर दिये गये हैं। बरसाना के लाडली जी मंदिर में सेवा को लेकर झगडा बढता जा रहा है। सेवायत पैसे के लिए लडमर रहे हैं। ब्रज में ऐसे मंदिरों की संख्या बहुतायत में है जिन पर महीने में करोडों रूपये का दान आता है और अरबों रूपये की संपत्ति मंदिरों से जुडी है। इस दान के पीछे श्रद्धालुओं की कान्हा और उसकी गाय से जुडी आस्था ही है जो उन्हें यहां खींच कर लाती है। इसके बावजूद इन अरबों के दान में से कान्हा की गायों के लिए फूटी कौडी नहीं दी जा रही। बेसहारा पशुओं ने फसलों को उजाड़ा तो सात माह पहले अक्टूबर में किसानों ने हंगामा किया था। तब शासन के निर्देश पर अस्थायी गोशालाएं खोली गई थीं। इधर, गायों के मरने का सिलसिला जारी है।

बंद हो गयीं अस्थाई गौशालाएं
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले प्रशासन के आदेश पर अस्थायी गोशाला में गाय रखी थीं। इनके आहार की नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यवस्थाएं नहीं की गई। इसलिए गोवंश दम तोड़ रहा है। ब्रज में परंपरा रही है कि जो लोग मठ मंदिरों से जुडे हैं वह श्रद्धालुओं से गाय की सेवा के नाम पर दान मांगते हैं। श्रद्धालु गाय की सेवा के लिए दान देते भी हैं लेकिन इस दान में गाय तक कुछ पहुंचता नहीं है। कई ऐसी संस्थाएं भी काम कर रही हैं जो बाकायदा विदेषों से भी गाय और गोषाला के नाम पर चंदा प्राप्त करती हैं। यमुना की दुर्दषा का जमकर दोहन हुआ है। करोडांे का चंदा चिठ्ठा हुआ, लेकिन नतीजा ठाक के तीन पात ही निकला। इसके बाद गाय की दुर्दषा का जमकर दोहन हो रहा है। गाय की हालत पर आंसू बहाकर दान इकठ्ठा करने के लिए कुकुरमुत्तों की तरह संस्थाएं खडी हो गई हैं।

 


कोरोना विशेष

दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, से आये हुए ये सभी लोग झाँसी, कानपुर, एटा, फिरोजाबाद, इटावा, सवाई माधोपुर इनमे से राजेश से बात हुयी उसने बताया की मजदूरी का काम करते है मालिक ने काम बंद कर दिया ठेकेदार ने पैसे नहीं दिए इसलिए घर की तरफ निकल लिए...... वैसे इन्हे कही कही ट्रकों और खुली गाडियों ने भी ले जाया जा रहा है...... ऐसे ही सैकड़ो लोगों ने अपनी अलग अलग बात कही.. मथुरा की जनता का आभार जताया की हर थोड़ी दूरी पर लोग खाना दे रहे है। ... वही सरकार से गुहार लगायी की हमे हमारे घरो तक पहुँचाये क्योकि हमारे साथ महिलाएं व बच्चे है।  

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तीसरी आंख

जयपुर । जयपुर शहर के अलग-अलग थाना इलाके से पिछले पन्द्रह माह में सौ से अधिक भैंस चुराने वाली अंतरराज्यीय मोजम मेव गिरोह के तीन बदमाशों को डीएसटी साउथ और मुहाना थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो भैंस व वारदात में प्रयुक्त वाहन व औजार बरामद किए है। पुलिस गिरोह के पकड़े बदमाशों से पूछताछ कर अन्य बदमाशों की तलाश कर रही है। डीसीपी (साउथ) योगेश दाधीच ने बताया कि मोजम मेव गिरोह के बदमाश हफिज (32) निवासी बिछोर नुहु मेवात हरियाणा, समयद्दीन (35) निवासी गांव निमला कैथवाडा भरतपुर और आजाद उर्फ टौंटा (34) निवासी सीकर भरतपुर को गिरफ्तार किया है। बदमाश हफिज गुलाब बिहार केसर चौराहा मुहाना में किराए से रहता है और पिछले आठ वर्षो से मुहाना मंडी में लोडिंग टैंपो चला रहा था। वह बाइक से दिन में रैकी करता उसके बाद अपने साथियों को वारदात के लिए भरतपुर से बुलाता। हफिज अपने टैंपो में भैंसों को भरकर भरतपुर ले जाता था। यह गैंग चुराकर लाई गई भैंसों को अपने गांव के आस-पास के लोगों को या कोशी, गोवर्धन और मथुरा पशु हटवाड़ा में बेच देते थे। घटना के वक्त मोबाइल बदल-बदलकर काम में लेते है। वारदातों में शामिल गैंग के सरगना व अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। गिरोह के कब्जे से लोडिंग टैपों, दीवार व तारबंदी काटने के औजार सहित प्लास्टिक की रस्सियां जब्त की गई है। गिरोह ने 15 माह से मुहाना, सांगानेर सदर, शिवदासपुरा, बगरू, प्रतापनगर, चाकसू सहित ग्रामीण इलाके के चंदवाजी और शाहपुरा इलाके से तीन दर्जन से ज्यादा वारदात कर 100 से ज्यादा भैंस चुराई है।  साभार-khaskhabar.com

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