Editor's Picks

Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image

BREAKING NEWS

यातायात माह : सतर्कता के चलते वाहन दुर्घटनाओं में कमी आई || MATHURA : संत सम्मेलन में बोले यमुना भक्त || Mathura : मुडेसी के शनिदेव मंदिर पहुंचे किरोड़ीमल बैंसला || MATHURA : मोटरसाइकिल बरामद, दो चोर पकड़े || MATHURA : उपमंडी से 1.45 लाख रूपये का बाजरा चोरी || MATHURA POLICE : पुलिस ने की कार्यवाही, पकडी 18 लाख की शराब

HYDERABAD:लोगों ने नेताओं को दुष्कर्म पीड़िता के घर जाने से रोका

हैदराबाद। तेलंगाना के शमशाबाद में पशु चिकित्सक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म व हत्या जैसी वीभत्स घटना के पांचवें दिन रविवार को युवती के घर के पास तनाव पैदा हो गया, क्योंकि स्थानीय निवासियों ने राजनेताओं, पुलिस और मीडिया को इलाके में प्रवेश करने से रोक दिया। हैदराबाद के बाहरी इलाके शमशाबाद में जहां दरिंदगी की भेंट चढ़ी युवती का घर है, वहां रिहायशी इलाके के नक्षत्र विला के गेट पर एक बोर्ड टंगा हुआ था, जिस पर लिखा था कि कोई सहानुभूति नहीं, केवल कार्रवाई और न्याय।

स्थानीय निवासियों ने गेट को अंदर से बंद कर दिया और यहां कुछ अन्य बोर्ड भी टंगे देखे गए। इन पर लिखा था, "नो एंट्रेंस, नो पॉलिटिशियन, नो मीडिया, नो पुलिस, नो आउटसाइडर्स।"

प्रदर्शनकारी 27 नवंबर की रात शमशाबाद में आउटर रिंग रोड के पास 25 वर्षीय महिला पशु चिकित्सक के साथ चार ट्रक ड्राइवरों और क्लीनर द्वारा सामूहिक दुष्कर्म और जिंदा जलाए जाने की घटना पर न्याय की मांग करते रहे। इस दौरान लोग नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए।

प्रदर्शनकारियों ने पीड़िता के घर के पास मौजूद पुलिसकर्मियों और बाहरी लोगों को इलाका छोड़ने के लिए भी मजबूर कर दिया। स्थानीय निवासी अंदर आने से पहले लोगों की पहचान कर रहे थे। कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लोगों के विरोध के कारण पीड़िता के परिवार से मिले बिना वापस जाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव पीड़ित परिवार के साथ न्याय करने के लिए तुरंत जवाब दें।

उन्होंने कहा कि परिवार को राजनेताओं और अन्य लोगों से सहानुभूति की जरूरत नहीं है।

शुक्रवार तक मंत्री, राजनीतिक दलों के नेता, अधिकारी, महिला समूह और अन्य काफी लोग पीड़िता के घर पहुंचे थे।

इसके अलावा शनिवार को राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किशन रेड्डी पीड़िता के घर पहुंचे थे।

 

 

 साभार-khaskhabar.com

 


संपादकीय

विशाल अग्रवाल ने बताया कि चालान सिर्फ ट्रफिक पुलिस काटे सभी पुलिस कर्मियों को इसकी जिम्मेदारी न दी जाये तो 50 प्रतिशत तक सही तरीके से काम हो पायेगा। जबकि आकाशवाणी के पूर्व उद्घोषक श्रीकृष्ण शरद, राकेश रावत एडवोकेट, पी0 के0 वार्ष्णेय, अरविन्द चौधरी, जगन्नाथ पौद्दार, पवन शर्मा, महेन्द्र राजपूत, जितेन्द्र गर्ग, सपन साहा, प्रताप विश्वास इन सभी ने माना कि इसमें पुलिस का फायदा अधिक होगा।  

Read More

तीसरी आंख

कोसीकला पुलिस ने 10 लाख की अंग्रेजी शराब पकडी

Read More

Bollywood

दर्शन