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दिल्ली : JDU उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने की कांग्रेस की तारीफ, भडक़ी BJP, की ऐसे आलोचना || MATHURA : ठा. प्रियाकांत जू मंदिर पर मनाया गया पूर्णिमा महोत्सव || मथुरा : कॉफी विद हेमा : ज्वेलरी पार्क का सपना साकार हो सकता है || मथुरा : किसानों को किया संबोधित : गिरिराज सिंह

MATHURA : मधुमक्खी पालन करें किसान

मथुरा। मधुमक्खीपालन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन सरसों उत्पादक किसानों के लिए मधुमक्खीपालन करना एक वरदान हैं। सरसो की फसल में अधिक समय तक फूल बने रहते हैं इसलिए मधुमक्खीपालन इस फसल के साथ करने से षहद का अधिक उत्पादन होगा और लाभ भी अधिक मिलेगा। साथ ही मधुमक्खियों द्वारा परागण से सरसों उत्पादन में भी बढोत्तरी होगी। इससे किसान अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हंै। यह संदेष सरसों अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ. पीके राय ने मधुमक्खीपालन पर तीन से सात दिसम्बर तक आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को दिया। उन्होनें कहा कि मधुमक्खीपालन की शुरूआत करने से पहले इसके बारे में पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए।
मधुमक्खियों का जीवन चक्र, व्यवहार, खान पान इत्यादि का गहराई से अध्ययन करके ही मधुमक्खीपालन को लाभदायक बनाया जा सकता है। उन्नत तकनीकों को खेतों में अपनाकर कृषि के उत्पादन को बढाया जा सकता है। सरसों का उत्पादन ब-सजयाने में उन्नत किस्मों के चयन के साथ-साथ समय पर सही शस्य क्रियाओं को करने का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। वर्तमान में कृषि जोत एवं संसाधन लगातार घटते जा रहे हैं और किसानो के सामने आय के
विकल्प सीमित हो रहे है। इसलिए किसानों को अपनी आमदनी बढाने के लिए कृषि आधारित वैकल्पिक व्यवसाय अपनाने होगें तभी खेती लाभदायक होगी।
इस अवसर पर प्रधान वैज्ञानिक डा.अशोक शर्मा ने कहा कि वैज्ञानिक खेती की अनुशंसित तकनीको को अच्छी तरह समझ कर उनका उपयोग करना चाहिए। किसानों को सरसों की खेती वैज्ञानिक तरीके से करके अपना उत्पादन बढाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शस्य फसलों के साथ साथ बागवानी, उद्यानकी एवं
पशुपालन को भी अपनायें ताकि अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो जिससे खेती की जोखिम कम होगी। विकसित वैज्ञानिक किस्मों एवं तकनीको को किसानो तक पहुंचाना पहली प्राथमिकता है। मधुमक्खीपालन छोटे कृषक एवं भूमिहीन लोग भी कर सकते हैं क्योकि इसके लिए कोई क्षेत्र विशेष की आवश्यक्ता नहीं होती है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खीपालन को किसानों या युवाओं को समूह बनाकर करना चाहिये ताकि इसके प्रबंधन में आसानी हो।
प्रशिक्षण में किसानों को मधुमक्खी पालन का इतिहास, विकास, प्रारम्भ एवं प्रबन्धन मधुमक्खी का सामाजिक जीवन चक्र, पहचान एवं जीवन इतिहास मधुमक्खी पालन हेतु आवश्यक सामान मधुमक्खियों द्वारा परागीकरणः मकरंद एवं पराग स्त्रोत मधुमक्खी के रोग एवं शत्रु कीट दैनिक
जीवन में शहद की उपयोगिता एवं व्यावसायिक मधुमक्खी पालन रानी मक्खी का पालन मधुमक्खी के मोम एवं की उपयोगिता एवं मधुमक्खियों पर कीटनाशी रसायनों का कुप्रभाव मधुमक्खी पालन रूची समूह का गठन, मधुमक्खी पालको के लिए योजनाएं राई, सरसों उत्पादन बढाने की रणनीति राई सरसो उत्पादन की उन्नत शस्य क्रियायें आदि विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया। आत्मा परियोजना के अर्न्तगत सरसों अनुसंधान निदेशालय द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘‘मधुमक्खी पालन एवं सरसों की वैज्ञानिक खेती‘‘ पर आयोजित किया गया था। डा.अशोक कुमार शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन किया।

 


संपादकीय

विशाल अग्रवाल ने बताया कि चालान सिर्फ ट्रफिक पुलिस काटे सभी पुलिस कर्मियों को इसकी जिम्मेदारी न दी जाये तो 50 प्रतिशत तक सही तरीके से काम हो पायेगा। जबकि आकाशवाणी के पूर्व उद्घोषक श्रीकृष्ण शरद, राकेश रावत एडवोकेट, पी0 के0 वार्ष्णेय, अरविन्द चौधरी, जगन्नाथ पौद्दार, पवन शर्मा, महेन्द्र राजपूत, जितेन्द्र गर्ग, सपन साहा, प्रताप विश्वास इन सभी ने माना कि इसमें पुलिस का फायदा अधिक होगा।  

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तीसरी आंख

जयपुर। स्टेट क्राइम ब्रांच ने मंगलवार शाम को शहर के जवाहर नगर स्थित आवासन मंडल के एक रिहायशी मकान में नकली दवाआें की एक फैक्ट्री पर दबिश देकर आयुर्वेदिक दवाओं की आड़ में नकली एलोपैथिक दवाईयां बनाने का पर्दाफाश किया है। अतिरिक्त महानिदेषक पुलिस, अपराध, राजस्थान बी.एल. सोनी ने बताया कि पुणे स्थित फार्मा कंपनी आर्चीज लाइफ साइंस के प्रोपराइटर जयवीर यादव ने स्पेशल टीम प्रभारी पुलिस निरीक्षक जितेन्द्र गंगवानी को सूचना दी थी कि उनकी फार्मा कंपनी के नाम व लोगो से जवाहर नगर सेक्टर तीन में हाउसिंग बोर्ड के मकान में एस.राॅबर्ट फार्मा के आॅफिस में महिलाओं के मासिक धर्म तथा लीवर टाॅनिक के नकली सिरप निर्मित कर आमजन के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड. किया जा रहा है। इस पर स्पेशल टीम को आवश्यक निर्देश दिये जाकर रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि जवाहर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाकर स्पेशल टीम स्थानीय पुलिस के साथ आरोपी नरेन्द्र सुखानी को लेकर म.नं. 3 ढ 7 पर गयी तो मकान में आयुर्वेदिक दवाईयां बनाने की आड़ में विभिन्न तरह की मशीनों से अवैध रुप से एलोपैथिक दवाईयां बनाना पता चला। रिकाॅर्ड देखने पर आरोपी द्वारा महिलाओं के मासिक धर्म से जुडी एवं लीवर टाॅनिक के करीब दो हजार सिरप आर्चीज लाइफ साइंस के नाम व लोगो से बनाकर आगरा स्थित एक फर्म को बेचना पाया गया। मौके से बिल बुक एवं स्टाॅक रजिस्टर जब्त कर पुलिस आरोपी सेक्टर चार जवाहर नगर जयपुर निवासी नरेन्द्र कुमार सुखानी (65) तथा इसके पार्टनर आगरा निवासी रविन्द्र प्रताप सिंह से पूछताछ कर रही है। मामले में पुलिस ने ड्रग एवं काॅस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 33 ई(सी) तथा आईपीसी की धारा 419,420,464,468,120बी में प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान शुरु कर दिया है। एडीजी क्राइम बी.एल. सोनी ने बताया कि बुधवार को जवाहर नगर पुलिस ने रविन्द्र प्रताप सिंह की सूचना पर आगरा में ग्रेस हाॅस्पिटल स्थित साक्षी मेडीकल स्टोर से 16 पैक तथा 3 खुले कार्टून आर्चीज लाइफ साइंस के नाम से निर्मित नकली दवाईयां जब्त कर नामजद आरोपी आगरा निवासी अरविन्द शर्मा को भी डिटेन कर लिया है। साभार-khaskhabar.com  

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