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हिमाचल प्रदेश में वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे

शिमला । प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल की उप-समिति की कृषि तथा आयुर्वेद विभागों के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विकासात्मक मुद्दों पर चर्चा की गई।


उन्होंने कहा कि शिमला, धर्मशाला, मण्डी और हमीरपुर में वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसमें असिस्टिड लिविंग, कुशल नर्सिंग देखभाल और आयुर्वेदिक केंद्र की सुविधा होगी। यहां एक कौशल हस्तांतरण केंद्र भी होगा, जहां वरिष्ठ नागरिक युवाओं को कौशल प्रदान करेंगे। जिला आयुर्वेद, चम्बा में होम्योपैथी, नेचुरोपैथी एवं भारतीय चिकित्सा पद्धतियों पर आधारित आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना भी की जाएगी तथा योग को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। स्वास्थ्य रिजाॅर्ट, योग, पंचकर्मा एवं आयुर्वेद केंद्रों के विकास द्वारा चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

उप-समिति के सदस्य एवं उद्योग मन्त्री बिक्रम सिंह ने कहा कि किसानों व बागवानों के कल्याण और उन्नति के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आय को दोगुना किया जाए तथा उनके उत्पादों को बेहतर विपणन रणनीति के अनुसार बाजारों तक पहुंचाया जा सके। उप-समिति द्वारा कृषि भूमि के मुआवजे के भुगतान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में किसानों को लाना, मार्केटिंग बोर्ड व मार्केट समितियों की कार्य प्रणालियों में सुधार लाना, ई-मार्केटिंग प्रणाली को प्रभावशाली बनाना, महिला किसानों के लिए ‘जननी प्रोग्राम’ के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा देश एवं विदेश के बड़े कृषि विश्वविद्यालयों के साथ फैलोशिप एवं इंटर्नशिप कार्यक्रमों की शुरूआत करने जैसे विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार कर उचित कदम उठाएगी।

उप-समिति के सदस्य एवं वन मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 19 मंडियों को ई-नाम प्रणाली के अंतर्गत लाया गया है, जिसमें प्रदेश में 59 उत्पादों का व्यापार किया जा रहा है, जिनमें मुख्यतः फल व सब्जियां शामिल हैं। अब तक 119554 किसान व 1947 व्यापारी ई-नाम द्वारा कृषि उपज का क्रय-विक्रय कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत वर्ष 2019-20 के लिए अब तक 18.18 करोड़ रुपये की धनराशि लाभार्थियों के लिए सहायता के रूप में खर्च की गई।

इस अवसर पर मंत्रिमंडल की उप-समिति के सदस्य सचिव एवं सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार तथा कृषि और आयुर्वेद विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

साभार-khaskhabar.com

 


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