Editor's Picks

Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image

BREAKING NEWS

यातायात माह : सतर्कता के चलते वाहन दुर्घटनाओं में कमी आई || MATHURA : संत सम्मेलन में बोले यमुना भक्त || Mathura : मुडेसी के शनिदेव मंदिर पहुंचे किरोड़ीमल बैंसला || MATHURA : मोटरसाइकिल बरामद, दो चोर पकड़े || MATHURA : उपमंडी से 1.45 लाख रूपये का बाजरा चोरी || MATHURA POLICE : पुलिस ने की कार्यवाही, पकडी 18 लाख की शराब

सचिन ने कहा, पुरुषों को अगर रोना आए तो रोना चाहिए, शर्म जैसी कोई बात नहीं

नई दिल्ली। दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेशनल मेंस वीक के अवसर पर सभी लडक़ों और पुरुषों के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने पुरुषों से मजबूत बनने के लिए भावनाओं का खुलकर इजहार करने का अनुरोध किया और कहा कि पुरुषों को अगर रोना आए तो रोना चाहिए। पुरुषों के लिए ऐसा करना सही है। सचिन ने अपने करियर में पहली बार पुरुषों और युवा लडक़ों के लिए एक खुला पत्र लिखा है।

उन्होंने अपने इस पत्र में कहा कि पुरुषों को अपनी भावनाओं को छिपाना नहीं चाहिए और मुश्किल पलों में यदि वे भावुक हो जाएं तो अपने आंसुओं को बहने दें। सचिन ने पत्र में लिखा, आप जल्द ही पति, पिता, भाई, दोस्त, मेंटर और अध्यापक बनेंगे। आपको उदाहरण तय करने होंगे। आपको मजबूत और साहसी बनना होगा। उन्होंने कहा, आपके जीवन में ऐसे पल आएंगे, जब आपको डर, संदेह और परेशानियों का अनुभव होगा।

वह समय भी आएगा जब आप विफल होंगे और आपको रोने का मन करेगा। दिग्गज बल्लेबाज ने आगे लिखा, यकीनन ऐसे समय में आप अपने आंसुओं को रोक लेंगे और मजबूत दिखाने का प्रयास करेंगे, क्येंकि पुरुष ऐसा ही करते हैं। पुरुषों को इसी तरह बड़ा किया जाता है कि पुरुष कभी रोते नहीं। रोने से पुरुष कमजोर होते हैं। मैं भी यही सोचते हुए बड़ा हुआ था। लेकिन, मैं गलत था। उन्होंने कहा कि मैं अपने जीवन में कभी भी 16 नवंबर 2013 की तारीख को भूल नहीं सकता। मेरे लिए उस दिन आखिरी बार पैवेलियन लौटना बहुत मुश्किल था और दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। मेरा गला रुंध गया था लेकिन फिर अचानक मेरे आंसू दुनिया के सामने बह निकले और हैरानी की बात है कि उसके बाद मैंने शांति महसूस की। अपने आंसुओं को दिखाना कोई शर्म की बात नहीं है। अपने व्यक्तित्व के एक हिस्से को क्यों छिपाना जो वास्तव में आपको मजबूत बनाता है।

 साभार-khaskhabar.com

 


संपादकीय

विशाल अग्रवाल ने बताया कि चालान सिर्फ ट्रफिक पुलिस काटे सभी पुलिस कर्मियों को इसकी जिम्मेदारी न दी जाये तो 50 प्रतिशत तक सही तरीके से काम हो पायेगा। जबकि आकाशवाणी के पूर्व उद्घोषक श्रीकृष्ण शरद, राकेश रावत एडवोकेट, पी0 के0 वार्ष्णेय, अरविन्द चौधरी, जगन्नाथ पौद्दार, पवन शर्मा, महेन्द्र राजपूत, जितेन्द्र गर्ग, सपन साहा, प्रताप विश्वास इन सभी ने माना कि इसमें पुलिस का फायदा अधिक होगा।  

Read More

तीसरी आंख

कोसीकला पुलिस ने 10 लाख की अंग्रेजी शराब पकडी

Read More

Bollywood

दर्शन