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बरसात में सड़कों के नुकसान के लिए रखरखाव का कोई निश्चित बजट का प्रावधान नहीं: जयराम ठाकुर

धर्मशाला। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान देहरा से विधायक होशियार सिंह और दरंग से विधायक जवाहर ठाकुर ने प्रदेश में ग्रामीण सड़कों के रखरखाव पर सवाल उठाया। सीएम जयराम ठाकुर ने दिया जवाब दिया कि बरसात में सड़कों के नुकसान के लिए रखरखाव का कोई निश्चित बजट का प्रावधान नहीं है। किसी विभाग विशेष की ओर से रखरखाव नहीं किया जाता। हर साल बरसात, सर्दियों में ये सड़कें खराब हो जाती हैं। हिमाचल की भूगौलिक परिस्थियां सड़कों के अनुकूल नहीं हैं। सरकार के पास सीमित संसाधन हैं। सड़कों का निर्माण PWD विभाग करता है लेकिन इसका रखरखाव नहीं किया जा सकता क्योंकि ये हर साल टूटती रहती हैं। हर साल खराब होने पर विभाग को ज़्यादा खर्च वहन करना पड़ता है इसलिए इन्हें मनरेगा, 14वें वित्तायोग के तहत रखरखाव किया जा सकता है। सीएम ने कहा कि विधायक निधि में भी सड़कों के रखरखाव का प्रोविजन अख्तियार किया गया है। वन विभाग भी सड़कों का रखरखाव नहीं कर सकता।
विधायक होशियार सिंह ने राइट टू रोड का सवाल उठाया। उन्होंने 90 के दशक की सड़कों पर सवाल उठाते हुए कहा कि टूटी हुई सड़कों को वन विभाग और राजस्व विभाग NOC नहीं दे रहा। आज उन सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेता। सीएम जयराम ठाकुर ने जवाब देते हुए कहा कि वन विभाग के तहत बनाई सड़कें आज वाकई परेशानी का सबब बनी हुई हैं। आज उन सड़कों की टूट जाने के बाद वन विभाग FC नहीं देता। वन विभाग ऐसी सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी ले इसके लिए विभाग से बातचीत करनी पड़ेगी। सालों से चल रही ऐसी सड़कों के बारे में सोचना बहुत जरूरी है। सरकार हर विभाग को रखरखाव का थोड़ा-बहुत बजट का प्रावधान करती रहती है।
भावनात्मक तौर-तरीके से इस समस्या का हल नहीं हो सकता। संबंधित विभागों के साथ बातचीत से ही हल निकाला जा सकता है। रखरखाव के नजरिये से सरकार कई अहम कदम उठा रही है। हालांकि कई जटिलताएं हैं। कई बार ऐसी सड़कों में होने वाली दुर्घटानाओं में स्थिति और भी परेशानी भरी हो जाती हैं। दुर्घटनाओं के दौरान क्षतिपूर्ति करवाना कई बार सिरदर्द बन जाता है। चूंकि सड़कें पास ही नहीं होती तो इसके लिए कारगर कदम उठाया जाएगा। विधायक रामलाल ठाकुर ने सुझाव दिया कि गांवों में बनाए गए एंबुलेंस रोड्स पास होने चाहिए चूंकि ये सड़कें हैं ग्रामीणों के भाग्य की रेखाएं इसलिए लिंक रोड्स को पास करवाना बेहद जरूरी है। ये सड़कें हर लिहाज़ से लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। सीएम ने इस सुझाव का समर्थन किया। सीएम ने कहा कि इन सड़कों को पास करवाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
 साभार-khaskhabar.com

 


संपादकीय

विशाल अग्रवाल ने बताया कि चालान सिर्फ ट्रफिक पुलिस काटे सभी पुलिस कर्मियों को इसकी जिम्मेदारी न दी जाये तो 50 प्रतिशत तक सही तरीके से काम हो पायेगा। जबकि आकाशवाणी के पूर्व उद्घोषक श्रीकृष्ण शरद, राकेश रावत एडवोकेट, पी0 के0 वार्ष्णेय, अरविन्द चौधरी, जगन्नाथ पौद्दार, पवन शर्मा, महेन्द्र राजपूत, जितेन्द्र गर्ग, सपन साहा, प्रताप विश्वास इन सभी ने माना कि इसमें पुलिस का फायदा अधिक होगा।  

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तीसरी आंख

जयपुर। स्टेट क्राइम ब्रांच ने मंगलवार शाम को शहर के जवाहर नगर स्थित आवासन मंडल के एक रिहायशी मकान में नकली दवाआें की एक फैक्ट्री पर दबिश देकर आयुर्वेदिक दवाओं की आड़ में नकली एलोपैथिक दवाईयां बनाने का पर्दाफाश किया है। अतिरिक्त महानिदेषक पुलिस, अपराध, राजस्थान बी.एल. सोनी ने बताया कि पुणे स्थित फार्मा कंपनी आर्चीज लाइफ साइंस के प्रोपराइटर जयवीर यादव ने स्पेशल टीम प्रभारी पुलिस निरीक्षक जितेन्द्र गंगवानी को सूचना दी थी कि उनकी फार्मा कंपनी के नाम व लोगो से जवाहर नगर सेक्टर तीन में हाउसिंग बोर्ड के मकान में एस.राॅबर्ट फार्मा के आॅफिस में महिलाओं के मासिक धर्म तथा लीवर टाॅनिक के नकली सिरप निर्मित कर आमजन के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड. किया जा रहा है। इस पर स्पेशल टीम को आवश्यक निर्देश दिये जाकर रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि जवाहर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाकर स्पेशल टीम स्थानीय पुलिस के साथ आरोपी नरेन्द्र सुखानी को लेकर म.नं. 3 ढ 7 पर गयी तो मकान में आयुर्वेदिक दवाईयां बनाने की आड़ में विभिन्न तरह की मशीनों से अवैध रुप से एलोपैथिक दवाईयां बनाना पता चला। रिकाॅर्ड देखने पर आरोपी द्वारा महिलाओं के मासिक धर्म से जुडी एवं लीवर टाॅनिक के करीब दो हजार सिरप आर्चीज लाइफ साइंस के नाम व लोगो से बनाकर आगरा स्थित एक फर्म को बेचना पाया गया। मौके से बिल बुक एवं स्टाॅक रजिस्टर जब्त कर पुलिस आरोपी सेक्टर चार जवाहर नगर जयपुर निवासी नरेन्द्र कुमार सुखानी (65) तथा इसके पार्टनर आगरा निवासी रविन्द्र प्रताप सिंह से पूछताछ कर रही है। मामले में पुलिस ने ड्रग एवं काॅस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 33 ई(सी) तथा आईपीसी की धारा 419,420,464,468,120बी में प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान शुरु कर दिया है। एडीजी क्राइम बी.एल. सोनी ने बताया कि बुधवार को जवाहर नगर पुलिस ने रविन्द्र प्रताप सिंह की सूचना पर आगरा में ग्रेस हाॅस्पिटल स्थित साक्षी मेडीकल स्टोर से 16 पैक तथा 3 खुले कार्टून आर्चीज लाइफ साइंस के नाम से निर्मित नकली दवाईयां जब्त कर नामजद आरोपी आगरा निवासी अरविन्द शर्मा को भी डिटेन कर लिया है। साभार-khaskhabar.com  

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