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पंजाब में 50 बिस्तरों से अधिक वाले प्राईवेट अस्पतालों को कोविड के विरुद्ध जंग के दायरे में लाया गया

चंडीगढ़। कोविड के खि़लाफ़ अग्रिम पंक्ति की जंग को और तेज़ करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में सरकार ने आज महामारी के विरुद्ध अपनी लड़ाई के दायरे में प्राईवेट अस्पतालों को लाने के लिए एक ऑर्डीनैंस नोटीफायी किया है।
पंजाब क्लिनीकल अस्टैबलिशमैंटज़ (रजिस्ट्रेशन एंड रैगूलेशन) आर्डीनैंस, 2020 की धारा 1 की उप धारा के अंतर्गत नोटिफिकेशन के द्वारा 50 बिस्तरों से अधिक के सामथ्र्य वाले सभी अस्पतालों को ऑर्डीनैंस के उपरोक्त उपबंधों अधीन लाया गया है।
यह कदम 10 अप्रैल को मंत्रीमंडल की मीटिंग की तरफ से लिये गये फ़ैसले की राह पर उठाया गया है।
आज यहाँ यह प्रगटावा करते हुये मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह ऑर्डीनैंस प्राईवेट अस्पतालों को रजिस्ट्रेशन और रैगूलेशन के लिए पेशेवार ढंग से उचित विधि मुहैया करवाएगा जिससे सहूलतों और सेवाओं के कम से -कम मापदण्डों की पालना के साथ-साथ आम व्यक्ति को सही तरीके से सेहत सेवाओं देने के लिए इन अस्पतालों के कामकाज की पारदर्शिता को यकीनी बनाया जा सके।
ऑर्डीनैंस के उपबंधों को लागू करने के लिए स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के प्रशासनिक सचिव की अध्यक्षता अधीन स्टेट कौंसिल फॉर क्लिनीकल अस्टैबलिशमैंटज़ का गठन किया जायेगा और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के डायरैक्टर इसके मैंबर सचिव होंगे।
इस कौंसिल के सदस्यों में स्वास्थ्य सेवाएं (परिवार कल्याण) के डायरैक्टर, स्वास्थ्य सेवाओं (सोशल इंशोरैंस) के डायरैक्टर और राज्य सरकार की मान्यता प्राप्त विभिन्न इलाज प्रणालियों के डायरैक्टर जिनमें आयुर्वैदिक डायरैक्टर, होम्योपैथिक विभाग के प्रमुख के अलावा पंजाब मैडीकल कौंसिल के प्रमुख, पंजाब डैंटल कौंसिल के प्रमुख, पंजाब नर्सिंग रजिस्ट्रेशन कौंसिल के रजिस्ट्रार और पंजाब स्टेट फार्मेसी कौंसिल के रजिस्ट्रार शामिल हैं। भविष्य में ऐसी और इलाज प्रणाली का गठन होने की सूरत में उसे भी प्रतिनिधित्व दिया जायेगा।
कौंसिल के सदस्यों में इलाज की आयुर्वैदिक और युनानी प्रणालियों के बोर्ड की कार्यकारिणी की तरफ से एक-एक प्रतिनिधि शामिल किया जायेगा। इसी तरह इंडियन मैडीकल कौंसिल की प्रांतीय इकाई और पैरा -मैडीकल के क्षेत्र में से एक-एक मैंबर को राज्य सरकार नामज़द करेगी। राज्य स्तरीय उपभोक्ता ग्रुपों या स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में काम कर रही प्रतिष्ठित ग़ैर -सरकारी संस्थाओं से दो सदस्यों के अलावा एक लॉ अफ़सर को राज्य सरकार की तरफ से इसके सदस्यों के तौर पर नामज़द किया जायेगा।
ऑर्डीनैंस के मुताबिक केंद्र सरकार या क्लिनीकल स्थापति (रजिस्ट्रेशन और रैगूलेशन) एक्ट 2010 के अंतर्गत स्थापित राष्ट्रीय कौंसिल की ज़रूरत के अनुसार क्लिनीकल संस्थाओं के लिए पंजाब स्टेट कौंसिल को पंजाब स्टेट मास्टर रजिस्ट्रर तैयार रखने, राष्ट्रीय रजिस्ट्रेशन को अपडेट करने सम्बन्धी मासिक वापसी (रिटरन) भेजने और राष्ट्रीय कौंसिल में प्रतिनिधित्व का काम सौंपा गया है।
इसके साथ ही 100 बिस्तरों या इससे अधिक सामथ्र्य वाले इलाज संस्थानों की रजिस्ट्रेशन के लिए राज्य स्तरीय एक रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी भी गठित की गई है जिसमें डायरैक्टर स्वास्थ्य व परिवार कल्याण चेयरमैन के तौर पर उनके साथ डिप्टी डायरैक्टर स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के अलावा राज्य सरकार की तरफ से कानून अफ़सर और डायरैक्टर स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के नोडल अफ़सर को सदस्यों के तौर पर नामज़द किया जायेगा।
इसी तरह हर जिले में रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी होगी जिसमें सम्बन्धित सिवल सर्जन चेयरमैन के तौर पर जबकि जि़ला परिवार कल्याण अफ़सर, जि़ला अटार्नी का एक प्रतिनिधि और सम्बन्धित जिले का नोडल अफ़सर सदस्यों के तौर पर जिले में 100 या इससे अधिक सामथ्र्य वाली क्लिनीकल संस्थाओं को छोड़ कर क्लिनीकल संस्थाओं की रजिस्ट्रेशन का काम देखेंगे।
यह ऑर्डीनैंस पंजाब को राज्य स्तरीय समर्थ अथॉरिटी भी मुहैया करवाता है जिसका नेतृत्व स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के प्रशासनिक सचिव बतौर चेयरपर्सन करेंगे और इसके साथ ही डायरैक्टर स्वास्थ्य सेवाएंं (परिवार कल्याण) और एक लॅा अफ़सर राज्य सरकार द्वारा सदस्यों के तौर पर नामज़द किये जाएंगे। इस अथॉरिटी को राज्य स्तरीय रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी और जि़ला रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के हुक्मों के खि़लाफ़ अपीलों सुनने के अलावा अन्य पंजाब सरकार द्वारा निर्धारित की गई अन्य जिम्मेदारियों को निभाने का काम सौंपा गया है।

साभार-khaskhabar.com