Editor's Picks

Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image
Owl Image

BREAKING NEWS

MATHURA : किसानों के बीच पैठ मजबूत करने में जुटी कांग्रेस || MATHURA : गंदगी से परेशान हैं वार्ड 43 के निवासी || MATHURA : बरसाना में शुरू हुआ 12 दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर || मथुरा : आहट से कर्मचारियों में बढ़ी बेचैनी

निवेशक ठगी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 181 पर करें, 7 सीसीएस के रजिस्ट्रेशन हुए रद्द

जयपुर । सहकारिता विभाग ने क्रेडिट कॉओपरेटिव सोसायटी के ठगी के मामलों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 जारी किया है।

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने तीन महीने के बाद विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की और प्रदेश में लगातार हो रहे ठगी के मामलों पर चिंता जताई।

बाद में पत्रकारों से बातचीत में सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि अभी आदर्श, नवजीवन और संजीवनी सोसायटी के जरिये ठगी करने वाले लोग जेल के अंदर बंद है और सभी ठगी के मामलों की जांच एसओजी को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि 7 क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी के पंजीकरण भी निरस्त कर दिए गए है। जिनमें शुभ क्रेडिट कॉओपरेटिव सोसायटी, सुघन, पार्वती,दानी, अंबे, केशव और सुप्रीम क्रेडिट कॉओपरेटिव सोसायटी शामिल है। उन्होंने बताया कि गृह निर्माण सहकारी समितियों का सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन रखा जायेगा। साथ ही जयपुर में 33 गृह निर्माण सहकारी समितियों के पंजीयन निरस्त किए गए है।
उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियां अपना निवेश केवल अपेक्स बैंक एवं केन्द्रीय सहकारी बैंक में ही करें। इसके लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं तथा निवेश नहीं करने वाली क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ नियमान्तर्गत कार्यवाही अमल लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि जनता के साथ किसी प्रकार का धोखा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जुलाई, 2019 में दि बैनिंग ऑफ अनरेग्यूलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट पारित किया गया है। केन्द्र की ओर से इस पर नियम बनने की प्रक्रिया जारी है। केन्द्र की ओर से नियम जारी होते ही राज्य की ओर से भी नियम बनाकर इस कानून के माध्यम से निवेशकों के हितों को सुरक्षित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की ओर से

सहकारिता मंत्री ने बताया कि एनजीओ में भी गड़बड़ी रोकने के लिए नए नियम बनेंगे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकारी गड़बड़ी करने वाली क्रेडिट कॉओपरेटिव सोसायटी पर शिकंजा कस रही है, नहीं तो पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के वक्त यह मामले दबे रहे गए थे।लेकिन सहकारिता मंत्री यह नहीं बता सके कि कितने मामले एसओजी को सौंपे जा चुके है और अब तक कितने करोड़ रुपये निवेशकों के डूबे है।


साभार-khaskhabar.com


संपादकीय

विशाल अग्रवाल ने बताया कि चालान सिर्फ ट्रफिक पुलिस काटे सभी पुलिस कर्मियों को इसकी जिम्मेदारी न दी जाये तो 50 प्रतिशत तक सही तरीके से काम हो पायेगा। जबकि आकाशवाणी के पूर्व उद्घोषक श्रीकृष्ण शरद, राकेश रावत एडवोकेट, पी0 के0 वार्ष्णेय, अरविन्द चौधरी, जगन्नाथ पौद्दार, पवन शर्मा, महेन्द्र राजपूत, जितेन्द्र गर्ग, सपन साहा, प्रताप विश्वास इन सभी ने माना कि इसमें पुलिस का फायदा अधिक होगा।  

Read More

तीसरी आंख

पुलिस लाइन के सामने क्या करने आया था लूट हत्या मुठभेड में वांछित 25 हजार का इनमी?

Read More

Bollywood

दर्शन