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मथुरा(सतपाल सिंह) : सीएम योगी के आदेश के बाद भी नाकाफी हैं व्यवस्थाएं. NH2 पर हजारों की संख्या में बीवी-बच्चों सहित भूखे-प्यासे, मीलों पैदल चलने को मजबूर हैं दिल्ली, NCR से आने वाले कामगार। पैदल चल रहे मजदूरों को नहीं मिल रहा है कोई सहारा। मथुरा प्रशासन कर रहा है बसों की व्यवस्था करने का दावा

कोरोना वायरस - हरियाणा में जेल से बाहर कैदियों की चार हफ्ते की विशेष पैरोल बढ़ाने का फैसला

चंडीगढ़ । हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस की महामारी के चलते संक्रमण की आशंकाओं के मद्देनजर प्रदेश की जेलों में कैदियों के दबाव को कम करने के लिए सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशानुसार निर्णय लिया है कि जो कैदी अथवा बंदी पहले से ही पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर हैं, उनकी चार सप्ताह की विशेष पैरोल बढ़ाई जाएगी। इसी तरह, जो कैदी एक पैरोल या एक फरलो शांतिपूर्वक व्यतीत करके समय पर जेल में हाजिर हो गए, उन्हें भी छ: सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी।

जेल मंत्री रणजीत सिंह ने इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिन कैदियों की आयु 65 वर्ष से अधिक है और एक से अधिक केसों में संलिप्त नहीं हैं तथा जो अधिक मात्रा में मादक पदार्थ के केस या धारा 379 बी या पोस्को एक्ट या बलात्कार या एसिड अटैक जैसे मामले में सजायाफ्ता नहीं हैं, उन्हें भी अच्छे आचरण के आधार पर छ: सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी। गौरतलब है कि इसमें विदेशी कैदियों को शामिल नहीं किया गया है।

रणजीत सिंह ने बताया कि ऐसे कैदी, जिनकी सजा सात वर्ष से अधिक नहीं है तथा कोई भी अन्य केस न्यायालय में लंबित नहीं है, कोई जुर्माना भी बकाया नहीं है, उन्हें भी जेल में अच्छे आचरण के आधार पर छ: से आठ सप्ताह तक की विशेष पैरोल दी जाएगी। साथ ही, उन कैदियों को भी विशेष पैरोल दी जाएगी जिनकी अधिकतम सजा सात वर्ष तक है तथा उन पर यदि कोई केस लंबित है जिसमें वह जमानत पर है और उसने पहले से कोई पैरोल शांतिपूर्वक व्यतीत कर ली है। उन्होंने बताया कि अधिक मात्रा में मादक पदार्थ या धारा 379 बी या पोक्सो एक्ट, बलात्कार और एसिड अटैक जैसे मामलों में सजायाफ्ता कैदी को यह लाभ नहीं मिलेगा।

जेल मंत्री ने बताया कि जिन कैदियों के पैरोल या फरलो के मामले पहले से ही जिलाधीश या मंडलाधीश के पास लंबित हैं, उनके केसों का भी सहानुभूतिपूर्वक नरम रुख अख्तियार करते हुए शीघ्र निपटान किया जाएगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे लंबित केसों में तीन से छ: दिन में आवश्यक रूप से निर्णय लिया जाए।

उन्होंने बताया कि जो हवालाती बंदी अधिकतम सात वर्ष तक की सजा के अपराध में जेल में बंद हैं तथा उन पर कोई अन्य केस न्यायालय में लंबित नहीं है तथा उन हवालाती बन्दियों के विरुद्ध एक से अधिक केस भी लंबित हैं परन्तु उन मामलों में कुल मिलाकर अधिकतम 7 वर्ष से अधिक की सजा नहीं बनती तथा जिनका जेल में आचरण अच्छा है, उन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश या मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा जमानत पर रिहा किया जाएगा या फिर 45 से 60 दिन तक की अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा।

जेल मंत्री रणजीत सिंह ने बताया कि जेल में अच्छे आचरण वाले कैदी बंदियों को उनकी योग्यता अनुसार पंजाब जेल मैनुअल में वर्णित प्रावधान के अनुसार दो महीने तक महानिदेशक, कारागार तथा एक महीने तक जेल अधीक्षक द्वारा विशेष माफी दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने बताया कि यह माफी गंभीर अपराधों में सजायाफ्ता कैदी बंदियों को नहीं दी जाएगी।

उन्होंने बताया की कोरोना जैसी महामारी के अंदेशे को देखते हुए विभाग द्वारा हरसम्भव कदम उठाए जा रहे हंै और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जेल में बंद कैदियों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जाए। उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए कैदियों और बंदियों के लिए मानवीय आधार पर बड़े फैसले लिए गए हैं ताकि जेलों में कैदियों के दबाव को कम किया जा सके और एहतियातन किसी भी स्थिति में लॉ एंड ऑर्डर का पालन करते हुए अगर प्रशासन द्वारा गिरफ्तारियां की जाती हैं तो उनके लिए जेल में जगह सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश की सभी जेलों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

 साभार-khaskhabar.com


कोरोना विशेष

दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, से आये हुए ये सभी लोग झाँसी, कानपुर, एटा, फिरोजाबाद, इटावा, सवाई माधोपुर इनमे से राजेश से बात हुयी उसने बताया की मजदूरी का काम करते है मालिक ने काम बंद कर दिया ठेकेदार ने पैसे नहीं दिए इसलिए घर की तरफ निकल लिए...... वैसे इन्हे कही कही ट्रकों और खुली गाडियों ने भी ले जाया जा रहा है...... ऐसे ही सैकड़ो लोगों ने अपनी अलग अलग बात कही.. मथुरा की जनता का आभार जताया की हर थोड़ी दूरी पर लोग खाना दे रहे है। ... वही सरकार से गुहार लगायी की हमे हमारे घरो तक पहुँचाये क्योकि हमारे साथ महिलाएं व बच्चे है।  

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तीसरी आंख

जयपुर । जयपुर शहर के अलग-अलग थाना इलाके से पिछले पन्द्रह माह में सौ से अधिक भैंस चुराने वाली अंतरराज्यीय मोजम मेव गिरोह के तीन बदमाशों को डीएसटी साउथ और मुहाना थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो भैंस व वारदात में प्रयुक्त वाहन व औजार बरामद किए है। पुलिस गिरोह के पकड़े बदमाशों से पूछताछ कर अन्य बदमाशों की तलाश कर रही है। डीसीपी (साउथ) योगेश दाधीच ने बताया कि मोजम मेव गिरोह के बदमाश हफिज (32) निवासी बिछोर नुहु मेवात हरियाणा, समयद्दीन (35) निवासी गांव निमला कैथवाडा भरतपुर और आजाद उर्फ टौंटा (34) निवासी सीकर भरतपुर को गिरफ्तार किया है। बदमाश हफिज गुलाब बिहार केसर चौराहा मुहाना में किराए से रहता है और पिछले आठ वर्षो से मुहाना मंडी में लोडिंग टैंपो चला रहा था। वह बाइक से दिन में रैकी करता उसके बाद अपने साथियों को वारदात के लिए भरतपुर से बुलाता। हफिज अपने टैंपो में भैंसों को भरकर भरतपुर ले जाता था। यह गैंग चुराकर लाई गई भैंसों को अपने गांव के आस-पास के लोगों को या कोशी, गोवर्धन और मथुरा पशु हटवाड़ा में बेच देते थे। घटना के वक्त मोबाइल बदल-बदलकर काम में लेते है। वारदातों में शामिल गैंग के सरगना व अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। गिरोह के कब्जे से लोडिंग टैपों, दीवार व तारबंदी काटने के औजार सहित प्लास्टिक की रस्सियां जब्त की गई है। गिरोह ने 15 माह से मुहाना, सांगानेर सदर, शिवदासपुरा, बगरू, प्रतापनगर, चाकसू सहित ग्रामीण इलाके के चंदवाजी और शाहपुरा इलाके से तीन दर्जन से ज्यादा वारदात कर 100 से ज्यादा भैंस चुराई है।  साभार-khaskhabar.com

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