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कोरोना वायरस - हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, यहां पढ़ें

चण्डीगढ़ । हरियाणा के बिजली तथा जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि कोरोना के चलते एक महीने तक विभाग के सभी कैश काउंटर बंद कर दिए गए हैं और एक महीने तक बिजली के बिल पर कोई सरचार्ज नहीं लगेगा। इसके अलावा, डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर 2 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। उन्होंने कोरोना महामारी के चलते अपने कोष से मुख्यमंत्री कोरोना राहत कोष में 5 लाख रुपये की राशि देने के साथ ही, जब तक यह महामारी रहती है तब तक हर महीने अपना वेतन देने की घोषणा की है।

रणजीत सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बिजली विभाग एक बड़ा विभाग है और सीधे तौर पर लोगों से जुड़ा हुआ है। इसलिए कोरोना महामारी के चलते विभाग के सभी कर्मचारियों को मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

बिजली मंत्री ने बताया कि विभाग के कर्मचारी सभी जगह बड़ी ही मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी दे रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश में कहीं भी ब्रेकडाउन में हो। विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर तरह से लोगों के लिए उपलब्ध रहें और मेरे दोनों फोन भी जनसाधारण के लिए 24 घंटे खुले हैं। प्रदेश में जहां कहीं भी ब्रेकडाउन होता है तो उसके लिए लोग सीधे मुझे भी फोन कर सकते हैं।

रणजीत सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रदेश की जेलों में बंद लगभग 5000 कैदियों व बंदियों को पैरोल का लाभ दिया जाएगा और उनमें से ज्यादातर लोग आज अपने घरों को चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि अब तक प्रदेश की जेलों में एक भी संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है लेकिन फिर भी इस बात की एहतियात बरती जा रही है कि की जेलों में ज्यादा भीड़ ना हो।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन और डीजीपी जेल के.साल्वराज की कमेटी ने मिलकर निर्णय लिया है, जिसके तहत कैदियों व बंदियों को 8 सप्ताह तक की पैरोल दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जो बंदी या कैदी पहली बार पैरोल पर गए और समय पर लौट कर आ गए, उनकी पैरोल को और बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा, जो कैदी या बंदी पैरोल पर जाना चाहता है उसे पैरोल दी जा रही है और जो जमानत पर जाना चाहता है, उसे जमानत दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बलात्कार या एसिड अटैक जैसे मामलों में बंद कट्टर अपराधियों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।

 साभार-khaskhabar.com