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कोरोना वायरस से बचने के लिए मोबाइल फोनों की सफ़ाई और रखरखाव सम्बन्धी एडवाइजऱी यहां पढ़ें

चंडीगढ़ । पंजाब सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी से अपने नागरिकों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए मोबाइल फोनों की सफ़ाई और रखरखाव सम्बन्धी विस्तृत एडवाइजऱी जारी की गई है।

राज्य सरकार के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कोरोनावायरस (कोविड-19) एक दैहिक बीमारी है, जो ज़्यादातर मौकों पर छींक और खाँसी आने पर थूक के बूंदों के द्वारा साँस के ज़रिये अंदर जाने से, पीडि़त व्यक्ति के संपर्क में आने से और संक्रमित चीजों / वस्तुओं को छूने से फैलती है। हालाँकि यह वायरस अलग-अलग चीज़ों की सतह पर अलग-अलग समय तक जीवित रहता है, परन्तु रसायनिक किटाणुनाशकों के इस्तेमाल से यह आसानी से ख़त्म हो जाता है। इसलिए यदि सही जानकारी समय पर मिल जाए, तो कोरोनावायरस महामारी को रोका जा सकता है।

 

प्रवक्ता ने कहा मोबाइल फ़ोन के साथ-साथ रिसेप्शन काउन्टरों, मेज़ की ऊपरी सतहों, दरवाज़ों के हैंडल, टॉयलट, की-बोर्ड, माऊस, टैबलेट्स और मेज़ सबसे अधिक छूईं जाने वाली वस्तुएँ हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा इस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए काम वाले स्थानों / दफ़्तरों की सफ़ाई और चेहरा / मुँह न छूने सम्बन्धी एडवाइजऱी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फ़ोन वायरस के फैलाव का संभावित कारण हो सकता है, जो प्रत्यक्ष रूप से प्रयोग करने वाले व्यक्ति के चेहरे और मुँह के संपर्क में आता है। चाहे हाथ नियमित ढग़ से धोएं और साफ़ किए गए हों, परन्तु यह संक्रमण का एक संभावित स्रोत हो सकता है। एडवाइजऱी में कहा गया है कि मोबाइल पर यदि बहुत ज़रूरी बातचीत करनी पड़ती है तो फिर उसके बाद हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं या 70 प्रतिशत आईसोप्रोपाईल अल्कोहल युक्त सैनीटाईजऱ के साथ सैनेटाईज़ करो। मोबाइल फ़ोन को किसी अन्य सतह पर रखने से परहेज़ करें। मोबाइल फ़ोन और अपने चेहरे / मुँह के बीच सीधा संपर्क होने को रोकने के लिए हैडफ़ोन / हैडसैट (तार वाले / बिना तार वाले) का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। यदि संभव हो तो मोबाईन फ़ोन को स्पीकर फ़ोन पर प्रयोग करें। यदि हैडफ़ोन / हैडसैट उपलब्ध नहीं हैं तो स्पीकर फ़ोन का प्रयोग उनके विकल्प के तौर पर किया जा सकता है। अपना मोबाइल फ़ोन / हैडफ़ोन / हैडसैट किसी और के साथ साझा न करें।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि दफ़्तरों में मोबाइल फ़ोन के प्रयोग की बजाय इंटरकॉम की सुविधा को पहल दी जाए। हालाँकि इंटरकॉम को रोज़ाना किटाणुरहित किया जाए। यह सलाह दी जाती है कि मोबाइल के साथ सम्बन्धित यूजऱ सर्पोट गाईडलाईनज़ को ध्यान से पढ़ा जाए और सम्बन्धित मोबाइल कंपनी की वैबसाईट पर जाकर इन गाईडलाईनज़ (दिशा-निर्देशों) का अपडेटड वजऱ्न देखा जाए। एैपल और सैमसंग दोनों कंपनियों ने अपनी यूजऱ गाईडलाईन को अपडेट किया है, जिसके अनुसार 70 प्रतिशत आईसोप्रोपाईल अल्कोहल या क्लोरॉक्स डिसइंफैक्टिेग वाइप्स के साथ ‘स्विच-ऑफ’ मोड पर मोबाइल फ़ोन की सतह को साफ़ किया जा सकता है।
मोबाइल फ़ोन की सतह साफ़ करने के लिए चरण-वार प्रक्रिया संबंधी बताते हुए प्रवक्ता ने कहा कि सफ़ाई से पहले फ़ोन को बंद करो और यदि इसके साथ कोई कवर, सामान और तारें हैं, तो उनको उतार दें। डिवाइस की सतह साफ़ करने के लिए एक नरम, लिंट-फ्री, वॉटर प्रूफ़ वाइप का प्रयोग करें (जैसे कि कैमरा लैंस वाइप आदि)। सफ़ाई वाले कपड़े के कोनों को आईसोप्रोपाईल अल्कोहल या क्लोरॉक्स डिसइंफैक्टैंट की थौड़ी सी मात्रा के साथ गीला करें और फ़ोन के अगले और पिछले हिस्से को अच्छी तरह से साफ़ करें।
इस दौरान ब्लीच का प्रयोग नहीं करना चाहिए और किसी भी खुली जगह से नमी को अंदर जाने से रोका जाए। किसी भी तरह का कठोर रसायन ओलेओ-फ़ोबिक स्क्रीन को नुकसान पहुँचा सकता है, जो कि फ़ोन की टच स्क्रीन की सैंस्टीविटी को खऱाब कर सकता है। फ़ोन की स्क्रीन पर कम्प्रेसर या ब्लीच को सीधे तौर पर प्रयोग न करें

साभार-khaskhabar.com